रायगढ़ : जल जीवन मिशन में सुस्ती पर सख्ती, लंबे समय से काम बंद रखने वाले ठेकेदारों को नोटिस
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने की योजनाओं की समीक्षा, अक्टूबर तक 378 योजनाएं पूरी करने का लक्ष्य
रायगढ़, 9 सितंबर 2026। जिले में जल जीवन मिशन के लंबित कार्यों को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई दोनों स्तर पर सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है। कलेक्टर एवं जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के अध्यक्ष मयंक चतुर्वेदी ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरे कराने के निर्देश दिए।
बैठक में लंबे समय से निर्माण कार्य रोककर रखने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि महत्वपूर्ण पेयजल योजनाओं में अनावश्यक देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
दो ठेकेदारों को नोटिस जारी करने के निर्देश
कलेक्टर ने मेसर्स प्रीति कंस्ट्रक्शन, बिलासपुर और मेसर्स जीतेश्वर साहू, बरमकेला के संबंध में संबंधित एसडीएम के माध्यम से नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन का जोर ऐसे कार्यों की नियमित निगरानी पर है, ताकि निर्माण में देरी की वजह सामने आ सके और जिम्मेदारी तय करते हुए समय पर कार्रवाई की जा सके।
‘हर घर जल’ जिला बनाने की तैयारी
समीक्षा बैठक में रायगढ़ को ‘हर घर जल’ जिला बनाने के लिए तैयार की जा रही कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत स्वीकृत योजनाओं की वर्तमान स्थिति और मैदानी स्तर पर चल रहे कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।
कलेक्टर ने शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने और उनकी लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा।
अक्टूबर तक 378 योजनाएं पूरी करने का लक्ष्य
बैठक में अक्टूबर 2026 तक 378 योजनाओं को पूरा करने के लक्ष्य की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने और प्रगति की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्माण कार्यों में केवल गति ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों तक सुरक्षित और नियमित पेयजल पहुंचाना योजना का प्रमुख उद्देश्य है।
भुगतान और लंबित देयकों की भी समीक्षा
बैठक में SNA स्पर्श के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया की स्थिति की जानकारी ली गई। इसके अलावा खंड कार्यालयों में जल जीवन मिशन से संबंधित लंबित देयकों और उनके भुगतान की कार्रवाई पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों ने वित्तीय प्रगति से संबंधित अन्य बिंदुओं की जानकारी भी कलेक्टर के समक्ष रखी।
योजनाओं की मैदानी स्थिति पर भी नजर
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि केवल कागजी प्रगति के आधार पर योजनाओं का मूल्यांकन न किया जाए, बल्कि निर्माण की वास्तविक स्थिति और कार्य की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए।
जल जीवन मिशन से संबंधित विभिन्न डिजिटल और मॉनिटरिंग प्रक्रियाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए शेष कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। ऐसी निगरानी से योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन और समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
समन्वय के साथ तय समय में पूरा करना होगा काम
कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने और शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा एवं गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यपालन अभियंता प्रतिभा नवरतन, सहायक अभियंता, उप अभियंता सहित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के अधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।












